छत्तीसगढ़राजनीति

“मल्दा ग्राम पंचायत ने मिर्जा मुस्ताक अहमद पर जताया भरोसा, निर्विरोध जनपद सदस्य चुने जाने का फैसला” मल्दा,

संवाददाता – प्रियेश दीवान की खास खबर।

मल्दा, कोरबा(आई बी एन-24)ग्राम पंचायत मल्दा ने सर्वसम्मति से मिर्जा मुस्ताक अहमद को निर्विरोध जनपद सदस्य बनाने का निर्णय लिया है। गांव के लोगों का कहना है कि मिर्जा मुस्ताक अहमद ने हमेशा क्षेत्र के विकास और जनता के हितों का ध्यान रखा है। वहीं, बाहरी व्यापारी प्रत्याशियों को गांव में पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

गांव के बेटे ने किया विकास कार्यों का नेतृत्व

मल्दा के निवासियों ने मिर्जा मुस्ताक अहमद को “गांव का बेटा” कहते हुए उनकी प्रशंसा की। उनके नेतृत्व में 67 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण और 16 लाख रुपये का नया स्कूल भवन पास हुआ। ये कार्य क्षेत्र के विकास और शिक्षा की मजबूती के प्रतीक हैं।

ग्राम पंचायत मल्दा के निवासी आनंद राम चौहान ने कहा, “मिर्जा मुस्ताक अहमद ने हमेशा हमारे गांव और क्षेत्र के विकास का ध्यान रखा है। वह सिर्फ चुनाव के समय नहीं, बल्कि हर समय हमारे बीच रहते हैं। हम सबको उन पर गर्व है।”

मल्दा में बाहरी प्रत्याशियों का विरोध।

गांव के लोगों ने यह निर्णय लिया है कि वे बाहरी व्यापारी प्रत्याशियों को जनपद सदस्य के चुनाव में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि व्यापारी प्रत्याशी केवल अपने फायदे के लिए चुनाव लड़ते हैं, जबकि मिर्जा मुस्ताक अहमद ने हमेशा जनता की सेवा को प्राथमिकता दी है।

ग्राम पंचायत के वरिष्ठ नागरिक धरमजीत कंवर जी ने कहा, “हमें अपने गांव के बेटे पर भरोसा है। बाहरी प्रत्याशी सिर्फ व्यापार और पैसे के लिए आते हैं। लेकिन मिर्जा मुस्ताक अहमद ने हमारे लिए काम किया है, और हम उनके साथ हैं।”
युवा प्रतिनिधि राजेश्वर कंवर ने कहा, “पिछले कार्यकाल में जनपद सदस्य व्यापारी पृष्ठभूमि के होने के कारण गांव में विकास कार्य ठप रहा। उनकी बनाई सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी है। मिर्जा मुस्ताक अहमद ने हमेशा गांव और क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है। हमें उन पर गर्व है।”

मिर्जा मुस्ताक अहमद का बयान:

ग्राम पंचायत मल्दा के लोगों के समर्थन से भावुक होकर मिर्जा मुस्ताक अहमद ने कहा, “मैं अपने गांव के लोगों का आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर इतना भरोसा जताया। मेरा सपना हमेशा से अपने क्षेत्र का विकास करना और जनता की भलाई के लिए काम करना रहा है। मैं इस विश्वास को कभी टूटने नहीं दूंगा।”
हमारा लक्ष्य है कि हर परिवार आत्मनिर्भर बने और किसी के ऊपर आश्रित ना रहे।”

मल्दा की एकता बनी मिसाल

ग्राम पंचायत मल्दा के इस ऐतिहासिक निर्णय ने क्षेत्र के अन्य गांवों के लिए एक मिसाल पेश की है। मल्दा की जनता ने यह दिखा दिया है कि जब सही नेतृत्व और एकता होती है, तो विकास की राह अपने आप बनती है।

यह फैसला न केवल मिर्जा मुस्ताक अहमद के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है, बल्कि यह मल्दा के विकास की दिशा में एक नया अध्याय भी खोलता है।

Indian Business News

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!