
कोरबा/पाली (आई.बी.एन -24)ग्राम करतला में भूमि अधिग्रहण के बाद भी प्रभावित किसानों की परेशानियां थम नहीं रही हैं। कई किसानों को अब तक न तो मुआवजा मिला है, न ही परिवार के किसी सदस्य को नौकरी। वहीं सबसे बड़ा संकट पुनर्वास को लेकर है।
ग्राम करतला के किसान शिवचरण सिंह फुलेसर के पास खसरा नंबर 512/2 में लगभग 1 एकड़ 40 डिसमिल जमीन है। शिवचरण सिंह का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें एक भी रुपया मुआवजा दिए बिना ही उनकी जमीन पर मिट्टी डालकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवचरण अकेले नहीं हैं। गांव के कई अन्य किसानों के साथ भी यही स्थिति है।
इस पूरे मामले को लेकर करतला ग्राम पंचायत के सरपंच ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सरपंच ने कहा कि “भू-प्रभावित किसानों के हित में जल्द से जल्द मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। किसानों को अंधेरे में नहीं रखा जा सकता।”
ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे मजबूरन सड़क पर उतरने को मजबूर है।
किसानों का एक ही सवाल है –
“जमीन गई, मुआवजा नहीं मिला, नौकरी भी नहीं!”
अब देखना होगा कि क्या प्रशासन करतला के किसानों की इस आवाज को सुनता है और समय पर न्याय दिलाता है।