
आई.बी.एन-24 | बांकीमोंगरा, 24 जून 2026 मानसून सत्र में 15 जून से रेत खनन पर लगे पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद बांकीमोंगरा क्षेत्र की बलगी नदी में अवैध उत्खनन का खेल बेखौफ जारी है। स्थानीय ग्रामीणों ने खनिज विभाग पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा करने और माइनिंग टीआई मदन साहू पर अवैध कारोबार में संलिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज विभाग महीने में एक-दो ट्रैक्टर पकड़कर फोटो खिंचवाकर खानापूर्ति कर देता है, जबकि रोजाना 100 से 150 ट्रैक्टर नदी से रेत ढो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाकी ट्रैक्टरों से हर फेरे के हिसाब से अवैध वसूली की जाती है। “दिनदहाड़े नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। विभाग को सब पता है, पर कार्रवाई का कोई भय नहीं है,” एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।
स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि माइनिंग टीआई मदन साहू की जानकारी और कथित संरक्षण के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी टीआई मौके पर नहीं पहुंचते। “साहब को सब पता है, फिर भी सैकड़ों ट्रैक्टर रोज नदी खोद रहे हैं। ये मिलीभगत नहीं तो क्या है?” ग्रामीणों ने सवाल उठाया।
प्रतिबंध के बावजूद बलगी नदी के घाटों पर रोज सुबह 4 बजे से ही ट्रैक्टरों की लंबी लाइन लग जाती है। अवैध खनन से नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है और किनारों के कटाव से आसपास के किसानों के खेत बहने का खतरा बढ़ गया है।
इन गंभीर आरोपों पर माइनिंग टीआई मदन साहू से उनका पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, पर खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। जिला खनिज अधिकारी ने इस संबंध में कहा कि “मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।”
नाम न छापने की शर्त पर क्षेत्र के एक जनप्रतिनिधि ने नाराजगी जताते हुए कहा, “अवैध खनन से सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। अवैध खनन माफिया खुलेआम सक्रिय हैं और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।”
गौरतलब है कि पिछले मानसून सत्र में भी इसी नदी से अवैध खनन की शिकायतें सामने आई थीं, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी।