
कोरबा (आई.बी.एन.-24) त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव के तहत सोमवार 1 जून को करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में भी सरपंच के एक साल से रिक्त पदों पर मतदान होगा। सलिहाभाठा का उप चुनाव इस बार कई मायनों में दिलचस्प है, एकमात्र पंचायत वारण कहे जाने वाले जिला क्षेत्र की बातचीत टिकी रहेगी। नोएडा में पूर्व अज्ञात ननकीराम कंवर के भांचा बहु और शहर के बीच सीधा मुकाबला होगा। वहीं ऐसा पहली बार हुआ है कि मुख्य ग्राम पंचायत सलिहाभा से इस बार एक भी मंजूरी नहीं आई। आइये जानते हैं चुनावी प्रकृति
2 पंचवर्षीय संधि के बाद आई थी बदलावों की बयार, युवा सरपंच नवरंगलाल का चुनाव 3 माह बाद ही छोड़ दिया साथ, एक वर्ष से कार्यवाहक सरपंच

वैज्ञानिक हो कि पंचायत सलिहाभांठा पूर्व अल्पसंख्यक डॉ.बंशीलाल महतो जी का गृह ग्राम है व पूर्वाभ्यास ननकीराम कंवर का गृह ग्राम पंचायत। त्रिस्तरीय मंडली राज व्यवस्था के तहत फरवरी-मार्च 2025 में पंचायत चुनाव हुआ था। इस चुनाव से पूर्व प्रदेश के पूर्व मुखिया ननकीराम कंवर जी के भाणजाबाहु प्रभा राम प्रसाद कंवर थे सरपंच तो इस पूर्व राज्य में उनके भांजा राम प्रसाद कंवर सरपंच थे। दो पंचवर्षीय सन्देश तक पूर्व संध्या के भांजा परिवार के पास पंचायत के सत्य की कुर्सी थी। रामप्रसाद कंवर और उनकी पत्नी प्रभा देवी कंवर ने पंचायत के चहुमुखी विकास के लक्ष्य के साथ काम किया। कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ तो सलिहाभांठा और आदिवासी गांव बंधवाभांठा में स्थानीय दर्शनीय आवश्यकताएं, कुछ विकास कार्य के ख्वाब नृत्य रह गए थे। बदलाव के बयार के बीच 2025 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में युवा हितैषी नवरंगलाल कंवर ने विपक्षी और नवरंग सरपंच चुनाव में जीत हासिल की। गांव के विकास की कुंजी नवरंगलाल को ही मिली थी कि 3 महीने बाद ही उनकी आकस्मिक मृत्यु हो गई। मृतकों में शामिल थे पूरे पंचायतवासी स्तब्ध रह गए। ख्वाब राजनीतिक रह गए। इस गमगीन बेला में पंचों की असंबद्धता पंचायत के विकास कार्य पर असर न पड़े इस दावे से पुनः रामप्रसाद पर जा टिकी। फैजाबाद, रामप्रसाद कंवर के हाथों में ग्रैंड ड्यूक।
अब ननकीराम कंवर के भांजा बहु और स्टॉक के बीच सीधा मुकाबला
त्रिस्तरीय पंचायत उप चुनाव 2026 के तहत 1 जून को ग्राम पंचायत सलिहाभाठा के सरपंच के रिक्त पदों पर निर्वाचन आयोग को चुनाव की अनुमति है। इस बार भी नागालैंड के मैदान में पूर्वाध्यायी ननकीरामवर की भाँजा बहुप्रभा देवी रामप्रसाद कंवर की उपस्थिति है, लेकिन इस बार उनके साक्षात ननकीराम कंवर के ही साधु विजय कंवर से हैं, जो पंचायत के सर्वांगीण विकास के वादों के साथ समर्थकों के पद पर आसीन हैं।
पहली बार मुख्य पंचायत से कोई शिकायत नहीं
ग्राम पंचायत सलिहाभांठा के सरपंच पद के चुनाव में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मुख्य पंचायत सलिहाभांठा जहां 60 प्रतिशत लोग हैं वहां से एक भी अनुमति नहीं आई। सलिहाभांठा ने इस बार शेष बचे पंचायत चुनाव में पंचायत के नेतृत्व की जिम्मेवारी ग्राम बंधवाभांठ को ही दे दी। वैसे पंचायतवासियों ने मतदाताओं की नौबत न आने की उम्मीद जताई थी कि बंधवाभांठा में पहली बार एकता नहीं बनी और चुनाव की स्थिति नहीं बनी।
1456 किरदार तय करेगा भाग्य ,सलिहाभाई तय करेगा भाग्य
ग्राम पंचायत सलिहाभा में सरपंच पद के चुनाव के लिए 1 जून सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा। दोनों गांव में मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जहां कुल 1456 लोकतंत्र के क्षेत्र के लिए अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। इनमें 745 पुरुष एवं 711 महिला पात्र शामिल हैं। कुल पुस्तकालय में 60 प्रतिशत ग्राम मुख्य सलिहाभांठा से ही है, लिहाजा जिस शिया को सलिहाभांठा के आशीर्वाद का आशीर्वाद मिलता है, उसकी नैया पार हो जाएगी। अब देखिए यह दिलचस्प बात यह होगी कि ग्राम के पुस्तकालय के विश्वास के अनुभवी प्रभात रामप्रसाद कंवर ने गरीबों को जीत दिलाई या एक बार फिर नए चेहरे को नेतृत्व का अवसर मिला।