
रायपुर (आई.बी.एन -24) सुशासन सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत जनजातीय अंचलों में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। कभी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे हजारों आदिवासी परिवारों का जीवन अब बिजली, सड़क, आवास, स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं से रोशन हो रहा है।
अंधेरे से उजाले तक का सफर।
पाली ब्लॉक के PVTG बिरहोर बाहुल्य गांव जमड़ी बीरान में 2 साल पहले तक लालटेन ही सहारा थी। आज PM जनमन के तहत हर घर में सोलर लाइट जल रही है। गांव की सुनीता बाई कहती हैं, “पहले रात होते ही सन्नाटा हो जाता था। अब बच्चे रात में पढ़ते हैं, मेरा सिलाई का काम भी चल जाता है।”
सड़क ने जोड़ी मुख्यधारा से
कीरित नवागांव से चैतमा तक बन रही 6 किमी की पक्की सड़क ने पहाड़ी कोरवा समुदाय को ब्लॉक मुख्यालय से जोड़ दिया है। पहले बरसात में 4 महीने तक गांव टापू बन जाता था। अब एंबुलेंस, राशन गाड़ी सीधे गांव पहुंचती है।
पक्की छत, पक्का भरोसा।
ज्वालापुर जरवे में बैगा परिवारों को PM जनमन आवास के तहत ₹2.39 लाख की लागत से पक्के मकान मिले हैं। साथ में उज्ज्वला गैस कनेक्शन और शौचालय भी। 65 वर्षीय बिरसू राम बताते हैं, “घास-फूस के घर में जिंदगी कट गई। मरने से पहले पक्की छत नसीब हुई, मोदी-विष्णु सरकार का धन्यवाद।”
स्वास्थ्य और पानी: बीमारी से आजादी
मोबाइल मेडिकल यूनिट हर हफ्ते PVTG बस्तियों में पहुंच रही है। आयुष्मान कार्ड से 5 लाख तक मुफ्त इलाज मिल रहा है। ‘हर घर नल से जल’ योजना के तहत डबरी का गंदा पानी पीने की मजबूरी खत्म हुई। बम्हनीडीह ब्लॉक के हथनेवरा गांव में जलजनित बीमारियों में 70% कमी दर्ज की गई है।
क्या है PM-JANMAN?
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) नवंबर 2023 में शुरू हुआ था। इसका लक्ष्य 18 राज्यों के 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के 28 लाख लोगों को 11 मूलभूत सुविधाएं सैचुरेशन मोड में पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ में 7 PVTG समूहों के 1.8 लाख से ज्यादा लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
जिला प्रशासन का दावा: जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले में 90% से ज्यादा PVTG घरों तक बिजली-पानी पहुंच चुका है। 2026 के अंत तक 100% सैचुरेशन का लक्ष्य है।
“ये सिर्फ सड़क-बिजली नहीं, आदिवासी स्वाभिमान को मुख्यधारा से जोड़ने का महायज्ञ है। सुशासन का मतलब है अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे” स्थानीय जनप्रतिनिधि