
कोरबा (आई.बी.एन -24) हाँ, यह सच है कि डॉक्टरों को समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है। डॉक्टर अपने ज्ञान और कौशल से लोगों की जान बचाते हैं, और उन्हें बीमारियों से राहत दिलाते हैं। इसलिए, उन्हें समाज में एक पूजनीय स्थान प्राप्त है आंख बंद करके इंसान डॉक्टर पर भरोसा करते है, लेकिन इस भरोसा को इस कलयुगी डॉक्टरों ने बिजनेस बना लिया इस भरोसा का नाजायज फायदा उठाने शुरू कर दिया, सिर्फ पैसों के लिए मरीजों की जान चली जाने के बाद भी उन्हें आईसीयू में रख कर इलाज का ड्रामा करने की शिकायतें तो अक्सर सुनने में आती हैं, लेकिन किसी रोज़ सचमुच ऐसा देखने को मिल जाएगा और ऐसी करतूत करने वाले डॉक्टर रंगे हाथों पकड़े जाएंगे, ये किसी ने नहीं सोचा था. श्री गोपाल मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल कटघोरा में जो कि प्राइवेट अस्पताल है इनके करतूत के बारे में खबर मिली कि वहां इलाज के नाम पर मरीजों को लूटा जा रहा है।


इतना ही नहीं, डॉक्टरों के नाम पर अनट्रेंड लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं, इस अस्पताल में क्षेत्र के आस- पास के मितानिनों से संपर्क करके कमीशनखोरी किया जा रहा है सूत्रों से पता चला है कि जो मितानिन यहां मरीज भेजेगा प्रति मरीज के हिसाब से उसको 5000 रु दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज इलाज के लिए सरकारी हस्पताल जाते है जिन्हें रेफर के नाम से उनको कटघोरा में स्थित श्री गोपाल मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी जाती है, गांव के गरीब अनपढ़ व्यक्ति उनके बहकावे में आकर यह इलाज करवाने आ जाते है, यह केवल ग्रामीण व्यक्ति की जानबूझकर अधिक से अधिक पैसा लिया जाता है, और उनको जितना वसूली करना है करते है, फिर बाद में उनको बाहर जबरदस्ती रेफर कर देते है, ऐसा अभी हाल ही में इस श्री गोपाल मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल कटघोरा के करतूत की शिकायत मिली है, शिक़ायतकर्ता कन्हैया लाल धनुहार जिनके पिता मंगल सिंह धनुहार जिनके पेशाब में ब्लड आने की बीमारी थी, जिसको भर्ती के समय बोला गया की पूरा इलाज निःशुल्क होगा आयुष्मान भारत योजना से जिसमें पीड़ित ग्रामीण ने जिलाधीश महोदय कोरबा में शिकायत किया है, जिसको आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए भर्ती कर उनको लुटा गया, और जबरदस्ती उनको रेफर कर दिया गया, इस पीड़ित ग्रामीण से 60 हजार रुपए उनको नगद ले लिया गया, पर पीड़ित व्यक्ति के तकलीफ में थोड़ा भी सुधार नहीं हुआ, आज वह ग्रामीण व्यक्ति आपने खेत ,बाडी, सोना चांदी गांव में गिरवी रखकर इलाज कराया, फिर भी पीड़ित बीमार व्यक्ति को थोड़ा भी राहत नहीं मिली, यहां उनको आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए भर्ती कराकर उनको डरा धमकाकर, 60 हजार मांगा लिया गया, मरीज को सीरियस कंडीशन बताकर परिवार से पैसा मंगवाए गए , जिससे गरीब व्यक्ति अपनी खेत , बाडी, सोना, चांदी गांव में गिरवी रखकर पैसा दिया, लेकिन पीड़ित बीमार व्यक्ति के हालात में कोई सुधार नहीं हुआ, तब उसने जिला कलेक्टर महोदय कोरबा में लिखित शिकायत दिया है, जिस शिकायत में कटघोरा बीएमओ डॉ. रंजना तिर्की को जांच प्रभारी नियुक्त किया गया है, फिलहाल मामले में जांच जारी है इस मामले में जांच कार्यवाही कटघोरा बीएमओ कर रही है। जानकारी मिल रही है कि कुछ तथाकथित लोग इस मामले को दबाने के लिए हस्पताल प्रबंधन से मोटी रकम भी ले लिया है जिसमें कटघोरा और कोरबा के कुछ व्यक्ति शामिल हैं।
वर्ज़न ….
डॉ गोपाल गोस्वामी ( संचालक)
श्री गोपाल मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल कटघोरा के संचालक ने बताया कि मामले में शिकायत हुआ है, हमसे जो दस्तावेज मांगा गया है हमने जांच अधिकारी को दे दिया है।
वर्ज़न…
डॉ.रंजना तिर्की कटघोरा (बीएमओ)
कलेक्टर कार्यालय कोरबा में शिकायत हुई है, मुझे जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है मामले में अभी जांच कर रही हूं , जांच पूर्ण होते ही आपको पूरा जानकारी दे दिया जाएगा।