
कोरबा (आई.बी.एन -24) छत्तीसगढ़ के विभिन्न नगरीय निकायों में निर्मित अटल परिसर एवं भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं के निर्माण को लेकर सामने आए आरोपों ने प्रदेशभर में गंभीर चर्चा छेड़ दी है। स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्माण कार्य की गुणवत्ता, वित्तीय पारदर्शिता तथा प्रतिमाओं की वास्तविक सामग्री को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। 
समाचारों में प्रकाशित आरोपों के अनुसार कोरबा जिले की कटघोरा नगर पालिका परिषद में निर्मित अटल परिसर के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। यह भी आरोप है कि निर्माण कार्य का ठेका मनोज अग्रवाल को दिया गया था तथा उन्होंने यह कार्य पेटी कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से भारतीय जनता युवा मोर्चा के कटघोरा मंडल अध्यक्ष सहित अन्य लोगों को सौंपा। इन आरोपों की सत्यता की जांच सक्षम एजेंसी द्वारा की जानी आवश्यक है।
समाचारों में यह भी आरोप प्रकाशित हुए हैं कि कांस्य (ब्रॉन्ज) की प्रतिमा के स्थान पर सीमेंट अथवा पत्थर की प्रतिमा बनाकर उस पर ब्रॉन्ज रंग किया गया। हाल की बारिश के बाद रंग उखड़ने से प्रतिमा की वास्तविक सामग्री पर सवाल खड़े हुए हैं। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग के साथ-साथ भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सम्मान से भी जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।
प्रदेश की कुल 187 नगरीय निकायों में इस योजना के अंतर्गत अटल परिसर एवं प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है। इसलिए केवल एक स्थान ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में निर्मित सभी अटल परिसरों, प्रतिमाओं एवं संबंधित निर्माण कार्यों की तकनीकी, वित्तीय एवं गुणवत्ता संबंधी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा गया कि यदि निर्माण कार्य के आवंटन, गुणवत्ता, सामग्री या भुगतान प्रक्रिया में किसी भी व्यक्ति, ठेकेदार, उप-ठेकेदार, अधिकारी अथवा अन्य संबंधित पक्ष की भूमिका पाई जाती है, तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जांच में किसी भी व्यक्ति को केवल उसके पद या राजनीतिक प्रभाव के आधार पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए तथा पूरी जांच प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से संपन्न की जानी चाहिए।
यदि जांच में किसी भी अधिकारी, ठेकेदार, पेटी कॉन्ट्रैक्टर अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए तथा सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
मांग : राज्य सरकार इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जांच कराए, सभी अटल परिसरों एवं प्रतिमाओं का तकनीकी ऑडिट कराया जाए तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनता के धन के दुरुपयोग और भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सम्मान से जुड़े किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।