दो कमरों मे सिमटा स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सक की अनुपस्थिति के मामले में एक दिवस में मांगा स्पष्टीकरण
कोरबा /कोरबा : आई.बी.एन-24 न्यूज समाचार पत्र के ख़बर का असर “दो कमरों में सिमटा स्वास्थ्य केन्द्र में डॉ. नदारद रहने से मरीज परेशान” को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। खबर प्रकाशित होने के बाद खण्ड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कटघोरा ने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चाकाबुडा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
कार्यालय खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा पत्र क्रमांक /स्था./2026/2501 दिनांक 02.09.2026 के माध्यम से प्रभारी चिकित्सा अधिकारी चंद्र पाल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चाकाबुडा, जिला कोरबा को नोटिस जारी किया गया है।जारी नोटिस में बताया गया है कि यह मामला कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कोरबा के पत्र क्रमांक 9145 दिनांक 27.08.2026 से संबंधित है, जो खण्ड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को 01.09.2026 को प्राप्त हुआ। प्रकाशित समाचार चूंकि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चाकाबुडा के अधीन संचालित सिमरा स्वास्थ्य केन्द्र से संबंधित है, इसलिए संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
नोटिस में एक दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में जानकारी अथवा स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की होगी।स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के मामले में विभाग अब किसी प्रकार की लापरवाही को लेकर गंभीर है। स्वास्थ्य केन्द्र से जुड़ी शिकायत और प्रकाशित समाचार के बाद तत्काल नोटिस जारी होना इसी गंभीरता का संकेत माना जा रहा है।
अब निगाहें संबंधित प्रभारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले स्पष्टीकरण पर टिकी हैं। स्पष्टीकरण के आधार पर विभाग द्वारा आगे क्या कार्रवाई की जाती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
विदित हो कि डां. चंद्रपाल कार्यलीन काम होने का बहाना बनाकर ड्यूटी से नदारात रहता था जिसका लाभ वहाँ के कर्मचारी उठाते थे। ज्ञात हो कि हाल ही स्कुल की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत किया गया था तटपश्चात् जिला पंचायत सी ई ओ ने शिक्षकों को नोटिस थमाते हुए वेतन रोकने निर्देशित किया था। वहाँ के कार्यवाही पर डां. चंद्रपाल को होश नहीं आया जो बहुत ही गंभीर है। इनको अपने पेमेंट से मतलब इलाज से नहीं ज़ब से इनको प्रभार मिला है तब से तानाशाही चलता है।