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ग्राम पंचायत शिवपुर में सूचना के अधिकार पर ताला, सचिव ने RTI को बताया “विस्तृत और अस्पष्ट”

एक आवेदन में 16 बिंदुओं पर जानकारी मांगना पड़ा भारी, जन सूचना अधिकारी ने हाथ खड़े किए।

पाली /कोरबा(आई.बी.एन-24) छत्तीसगढ़ में पारदर्शिता और सुशासन के तमाम दावों के बीच ग्राम पंचायत शिवपुर, जनपद पंचायत पाली ने सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI) की धज्जियां उड़ाते हुए एक अजीबोगरीब जवाब दिया है। पंचायत ने जानकारी देने के बजाय आवेदक को ही नियमानुसार पाठ पढ़ा दिया और जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया।

मामला क्या है …।

जानकारी के अनुसार पाली के शांति कॉम्प्लेक्स निवासी सामाजिक कार्यकर्ता गणेश दास महंत ने ग्राम पंचायत शिवपुर से जुड़े विकास कार्यों, आय-व्यय और अन्य योजनाओं को लेकर जन सूचना अधिकारी के समक्ष 4 मुख्य बिंदुओं में 16 उप-बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी थी।

इस आवेदन के जवाब में कार्यालय जन सूचना अधिकारी सह सचिव, ग्राम पंचायत शिवपुर ने पत्र क्रमांक 20 / सू.का.अधि./ 2026-27 दिनांक 27/08/2026 को एक लिखित जवाब जारी किया है।

पत्र में जन सूचना अधिकारी ने लिखा है कि –
“आपके द्वारा चाही गई जानकारी विस्तृत, अस्पष्ट एवं कई अनेकों विषय की है। कुल 4 बिंदु में 16 सहबिंदु में अनेकों प्रकार की जानकारी चाही गई है। जो कि नियमानुसार दिया जाना संभव नहीं है। नियमानुसार किसी 1 विषय पर जानकारी दिया जा सकता है।”

नियम क्या कहता है और पंचायत क्या कर रही है ।

जन सूचना अधिकारी का यह तर्क पूरी तरह से RTI अधिनियम 2005 के खिलाफ है। अधिनियम में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि एक आवेदन में 1 ही विषय पर जानकारी मांगी जा सकती है। आवेदक 500 शब्दों की सीमा तक एक से अधिक विषयों पर जानकारी मांग सकता है। “विस्तृत और अस्पष्ट” का हवाला देकर जानकारी से बचना, कहीं न कहीं पंचायत में हो रहे कार्यों में गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि जानकारी बहुत विस्तृत है तो अधिकारी धारा 7(3) के तहत अतिरिक्त शुल्क लेकर जानकारी दे सकता है, लेकिन जानकारी देने से सीधे इनकार नहीं कर सकता।

पारदर्शिता पर सवाल …?

ग्राम पंचायत शिवपुर का यह रवैया कई सवाल खड़े करता है। आखिर पंचायत ऐसी कौन सी जानकारी छुपाना चाहती है जिसे देने में उसे आपत्ति है? क्या पंचायत के निर्माण कार्यों, 15वें वित्त, मनरेगा या अन्य मदों में कोई अनियमितता हुई है जिसे उजागर होने का डर है?

अब आवेदक ने इस मामले को प्रथम अपील अधिकारी, जनपद पंचायत पाली के समक्ष ले जाने की तैयारी कर ली है।

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