
कटघोरा/कोरबा (आई. बी. एन -24) कटघोरा वन मंडल के चैतमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत तेलसरा सर्किल के बरसघट्टी जंगल में सैकड़ों पौधों के कटे होने का मामला प्रकाश में आया है। घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद वन विभाग की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरसघट्टी वन क्षेत्र में बड़ी संख्या में पौधे जड़ से काटे गए हैं। मौके पर कटे हुए तने और गिरी हुई हरी शाखाएं बिखरी पड़ी हैं। बताया जा रहा है कि यह कटाई पिछले कुछ दिनों के भीतर की गई है, लेकिन वन विभाग के मैदानी अमले को इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल सकी।
निगरानी पर उठे 5 बड़े सवाल..?
इस घटना के बाद विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं –
1. क्या तेलसरा सर्किल में वन अमले द्वारा नियमित गश्त की जा रही थी?
2. सैकड़ों पौधे कटने के बाद भी इसकी सूचना उच्चाधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंची?
3. मौके पर वास्तव में कितने पौधों की कटाई हुई है?
4. क्या यह कटाई किसी वैध अनुमति के तहत हुई या अवैध कटाई है?
5. यदि अवैध कटाई है तो अब तक दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई?
वन संपदा की सुरक्षा को खतरा
वन विभाग के जानकारों का कहना है कि वन क्षेत्र पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण जीवन का आधार है। इस तरह बड़े पैमाने पर पौधों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी जंगल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जांच और कार्रवाई का इंतजार
मामले की वास्तविकता जानने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा तत्काल स्थल निरीक्षण और कटे पौधों की संख्या का सत्यापन किया जाना जरूरी है। यदि जांच में अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।
फिलहाल वन विभाग के उच्चाधिकारियों से इस पूरे मामले में त्वरित जांच और नियमानुसार कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।