
कोरबा पुलिस द्वारा आज कोरबा रेलवे स्टेशन में आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल में SDRF, मेडिकल टीम, RPF, GRP एवं कोरबा पुलिस बल की सहभागिता रही।
🚨 हादसे की स्थिति में रूट प्लान एवं रेस्क्यू व्यवस्था पर किया अभ्यास।
मॉक ड्रिल के दौरान रेलवे स्टेशन अथवा ट्रेन में किसी प्रकार की दुर्घटना/आपदा होने की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य, यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने तथा विभिन्न सुरक्षा एवं राहत एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को लेकर अभ्यास किया गया।
इस दौरान आपात स्थिति में किस मार्ग से रेस्क्यू एवं राहत कार्य संचालित किए जाएंगे, किस टीम की क्या जिम्मेदारी होगी तथा किस प्रकार त्वरित निर्णय लेकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, इस पर विस्तृत चर्चा की गई।
आगजनी से बचाव और फायर सेफ्टी की दी जानकारी।
मॉक ड्रिल के तहत रेलवे ट्रेन की पैंट्री अथवा स्टेशन परिसर में आग लगने की स्थिति में तत्काल किए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। फायर सेफ्टी/होमगार्ड के कर्मचारियों द्वारा फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग, आग पर नियंत्रण के प्राथमिक उपाय एवं आवश्यक सावधानियों के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।इस दौरान रेलवे स्टेशन पर उपस्थित यात्रियों एवं आम नागरिकों को भी आगजनी की स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित एवं सतर्क तरीके से बचाव कार्य करने के संबंध में जागरूक किया गया।
💻 साइबर जागृति अभियान के तहत यात्रियों को किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान कोरबा पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत यात्रियों एवं आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।विशेष रूप से रेलवे स्टेशन एवं ट्रेनों में उपलब्ध RailWire/RailNet फ्री Wi-Fi का उपयोग करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई। यात्रियों को बताया गया कि सार्वजनिक Wi-Fi का उपयोग करते समय बैंकिंग, UPI, पासवर्ड एवं अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अनजान वेबसाइट/ऐप पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज न करें।साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई।
👮 अधिकारी रहे मौजूद।
पूरे कार्यक्रम के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक श्री प्रतीक चतुर्वेदी, रक्षित निरीक्षक श्री अनथ राम पैंकरा एवं RPF इंस्पेक्टर श्री सतीश कुमार, निरीक्षक साइबर थाना श्री ललित चंद्रा,सहित SDRF, GRP, RPF, मेडिकल टीम, होमगार्ड एवं कोरबा पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
🎯 मॉक ड्रिल का उद्देश्य।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी आकस्मिक घटना या आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावी रेस्क्यू, बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय एवं यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियों को मजबूत करना रहा।