
संवाददाता-मंगलम महंत |
हरदीबाजार(आई.बी.एन-24न्यूज़)कोल इंडिया की कमेटी में सांसद ज्योस्ना महंत द्वारा कोरबा जिले की कोयले की खदानों एवं उससे जुड़े समस्याओं को प्रमुखता से तल्ख लहजे में उठाया। जिसमें स्वास्थ्य सुविधाएं शिक्षा सड़क पानी बिजली प्रदूषण पौधारोपण आदि शामिल थे। उन्होंने कहा कि कोयला खदानोंसे प्रभावित। लोगों को।
न तो नौकरी मिल पा रही है मुआवजा न बसाहट। कागजों में खानापूर्ति की जा रही है। आज तक कई भूस्थापित गांवों में एस ई सी एल ने क्या किया इसकी कोई सूची उपलब्ध नही कराई गई है।।
वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं लेकिन मौके धरातल पर ऐसी। कोई बात नहीं दिखती प्रदूषण खासकर गेवरा दीप का कुसमुंडा मे
अपना पैर पसार चुका है लेकिन एस ई सी एल प्रबन्ध द्वारा इसमें कोई ध्यान नहीं दिया जाता।प्रदुषण से नाना प्रकार की बीमारी बीमारियाँ।
लोगों को हो रही है।
एसईसीसीएल का अस्पताल का आलम ये है कि वहां कोई भी स्पैशलिस्ट नहीं है? जबकि करोड़ों रुपये का फंड एस ई सी एल के पास है। सांसद ज्योत्सना महंत नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि
कोयला खदानों का विस्तार दिन प्रतिदिन होता जा रहा है। लेकिन सुविधाओं के नाम से आज भी वहां के ग्रामीण वंचित हैं। कोरबा एवं बाकी दीपिका कोरबा के अस्पतालों को हाइटेक किए जाने की आवश्यकता है।
जिस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए विगत दिनों
कुसमुंदा क्षेत्र की महिलाएं पीड़ित व दुखित होकर। अपनी माँगों को लेकर।
कुसमुंदा ऑफ़िस में अर्धनग्न प्रदर्शन किया जिसके दोषी वहाँ के अधिकारी हैं उनके ऊपर कार्यवाही की जानी चाहिए। साथ ही किन किन लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया बसाहट नहीं दिया गया नौकरी नहीं दी गई उसे कारण सहित सार्वजनिक किया जाना चाहिए ग्रामीणों का गुस्सा अपने चरम सीमा पर है।
अधिकारी वहां राजनीति कर रहे हैं और टुकड़े टुकड़े में
छोटी मोटी कार्रवाई कर रहे हैं। एसीसीएल को कैंप लगाकर सभी प्रकरणों का निराकरण करना चाहिए जिससे ग्रामीणों को वस्तु स्थिति की जानकारी मिल सके।