
पाली (आई.बी.एन -24)भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर्व पूरे पाली अंचल में धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया गया। नगर पंचायत पाली व ग्रामीण क्षेत्रों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों और युवाओं की टोलियों के द्वारा जगह-जगह मटकी फोड़ का आयोजन किया गया। सुबह से देर रात तक मंदिरों में भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा।
गांव गांव में विगत कुछ वर्ष से भागवत कथा का आयोजन बढ़ा है. फलतः विशेषकर महिलाये और युवतियाँ कृष्ण भक्ति के प्रति आसक्त हुई है. यही कारण है कि प्रत्येक घर में लड्डू गोपाल विराजमान हैं. जन्माष्टमी पर्व कृष्ण भक्तों के लिए साल का सबसे त्योहार होता है. इसका इन्हें बेसब्री से इंतजार भी रहता है. घरों में लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव के लिए विशेष तैयारी, सज्जा और पूजा अर्चना किया गया. रात 12 बजते ही भगवान ने जन्म लिया ,जिन्हें पालना में झुलाकर उत्सव की खुशियां बांटी गई। हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से घर घर गूंज उठा। नगर में कुछ वार्ड में शोभायात्रा और भव्य झांकी का आयोजन किया गया.नवयुवकों की टोली देर रात तक मटका फोड़ते रहे. वार्ड 13 मे वैष्णव निवास स्थित श्री राधा कृष्ण मन्दिर में भजन कीर्तन प्रसाद वितरण का कार्यक्रम देर रात तक चला. भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया. इसके अलावा हनुमान मंदिर,महामाया देवालय सहित शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में जन्माष्टमी की धूम मची रही। बच्चों और युवाओं में राधा-कृष्ण बनने का उत्साह देखा गया। माताओं ने छोटे-छोटे बच्चों को राधा-कृष्ण के रूप में सजाया गया था.जिसकी आभा देखते ही बनती थी.