
पाली (आई.बी.एन -24) कोरबा जिला के पाली विकासखंड में इन दिनों दतैला जंगली हाथियों का आतंक बढ़ा हुआ है। जंगली हाथी के द्वारा आज रात्रि को ठाड़पखना ( हाथी बाड़ी) निवासी मेवा राम धनुहार पिता जगत राम धनुहार उम्र 60 वर्ष को पटक- पटक मार डाला यह दर्दनाक मौत आज रात्रि 9:00 बजे की है, इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है, यह हाथी एक दिन पहले मूनगाडीह ,गणेशपुर से होते हुए पोटापानी में एक दिन पहले दो गाय को भी दर्दनाक मौत दिया था, किसानों के खेतों में लगे फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, हालांकि स्थानीय किसानों के द्वारा हाथियों को काफी परिश्रम के बाद भगा दिया गया, इस बीच कुछ ग्रामीण हाथी के साथ खिलवाड़ भी करते देखे गए, युवक हाथी के पास पहुंचकर दिखा रहे दुस्साहस।
हाथी को भगाने के दौरान गांव के कुछ युवक हाथियों के झुंड के काफी नजदीक पहुंचकर दुस्साहस भी कर रहे थे, हालांकि हाथी इस दौरान उग्र भी दिखाई दिए, लेकिन बाद में ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद से हाथी खेतों से निकलकर पास के जंगल में चले गए, ग्रामीणों ने बताया कि ये हाथियों के झुंड से बिछड़ गया है।

एक साथ चलते चलते बिछड़ जाने से ये हाथी भटकते हुए मैदानी क्षेत्रों में आ पहुंचा है, और फसलों को बर्बाद कर रहा है जिसे लेकर ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी के आतंक से बचाव की मांग की है। साथ ही बर्बाद हो रहे फसलों का मुआवजा भी देने की मांग की है। कोरबा जिला जंगली हाथी का दहशत का पर्याय बन चुके है। हाथी ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है। हाथियों के कारण जान माल का नुकसान लगातार जारी है। पिछले माह तीन लोगों की जान लेकर पहले चांपा जांजगीर फिर बिलासपुर जिले का रुख करने वाला दंतैल हाथी एक बार फिर से कोरबा पहुंच गया और कटघोरा वनमंडल के पाली रेंज में विचरण कर रहा है। हाथी ने हाल ही में डोंगानाला,गणेश पुल,मुनगाडीह पोटापानी गांव में जमकर तबाही मचाई हैं। कई किसानों की फैसलों को बबार्द कर चुका हाथी ईलाके में विचरण कर रहा है,जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। वन विभाग हाथी पर नजर जमाए हुए है और लोगों को उसके करीब नहीं जाने की सलाह दे रहा है। पाली रेंजर संजय लकड़ा ने बताया कि वन विभाग हाथी द्वारा किए गए नुकसान का आंकलन कर रहा है ताकी प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जा सके। दिन रात विभाग के कर्मचारी हाथी के विचरण पर नजर रखे हुए हैं ताकी कोई अनहोनी ना हो पाए।