
कोरबा (आई.बी.एन -24) कोयलांचल क्षेत्र में करोड़ों रुपये के डीजल चोरी नेटवर्क की जांच के बीच कोरबा पुलिस विभाग में बड़ा भूचाल आ गया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए साइबर सेल के आरक्षक प्रशांत सिंह सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई है और विभागीय हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जानकारी के मुताबिक डीजल चोरी गिरोह के खिलाफ चल रही जांच में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। जांच के दौरान कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही के तथ्य भी सामने आए, जिसके बाद एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बिना देरी किए कड़ा रुख अपनाया। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में साइबर सेल में पदस्थ आरक्षक प्रशांत सिंह, कटघोरा थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक गोपाल यादव, मोगरा थाना के प्रधान आरक्षक राजेश कंवर और मोगरा थाना के ही आरक्षक रोहित राठौर शामिल हैं। आदेश जारी होते ही चारों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार डीजल चोरी के इस बहुचर्चित मामले में पिछले कई दिनों से लगातार शिकायतें और अहम जानकारियां पुलिस मुख्यालय तक पहुंच रही थीं। SECL की बल्गी, गेवरा, दीपका और कुसमुंडा परियोजनाओं से डीजल चोरी कर उसे बाजार में खपाने के एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की सूचना पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया था। जांच के दौरान जब कुछ पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका के संकेत मिले तो एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत और लापरवाही के तथ्य उजागर होने पर एसपी ने तत्काल चारों पर निलंबन की गाज गिरा दी।
एक साथ चार पुलिसकर्मियों के निलंबन की खबर फैलते ही कोरबा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। थाना स्तर से लेकर जिला पुलिस कार्यालय तक हर कोई इस कार्रवाई की चर्चा कर रहा है। माना जा रहा है कि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इस नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस विभाग पूरे घटनाक्रम की गहन जांच में जुटा हुआ है और हर बिंदु को खंगाला जा रहा है। डीजल चोरी के इस रैकेट में विभागीय कर्मचारियों के अलावा बाहरी लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने इस कार्रवाई के बाद सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कानून तोड़ने वालों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने या किसी भी तरह की संदिग्ध भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों पर भी उतनी ही सख्ती से कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि डीजल चोरी कांड की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम तथ्य और नाम सामने आने की पूरी संभावना है। पुलिस इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
गौरतलब है कि कोरबा के कोयलांचल क्षेत्र में लंबे समय से करोड़ों रुपये के डीजल चोरी का नेटवर्क सक्रिय होने की बात सामने आती रही है। SECL की विभिन्न परियोजनाओं से टैंकरों और मशीनों से डीजल निकालकर उसे आसपास के क्षेत्रों में बेचे जाने की शिकायतें आम थीं। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भी लगातार सवाल उठ रहे थे। अब एसपी द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई से मामले ने नया मोड़ ले लिया है और आम जनता में भी यह संदेश गया है कि पुलिस अपने विभाग में फैली गंदगी को साफ करने के लिए गंभीर है। जांच पूरी होने के बाद इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद जताई जा रही है।