
संवाददाता : हजरत खान
मोरगा (आई.बी.एन -24) कोरबा जिला के अंतिम छोर में स्थित मोरगा क्षेत्र में एक सप्ताह से बिजली गुल है। इससे ग्रामीण काफी परेशानी हो रही है।
बिजली गोल के कारण जंगली जानवरों से ग्रामीणों को खतरा बना हुआ है। बिजली गोल होने के कारण विद्यार्थियों एवं पालकों को फोटो कॉपी कराने लंबी दूरी तय करनी पड़ी रही है। बिजली गुल होने से शासकीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। बैंक, उप स्वास्थ्य केंद्र, पेट्रोल पंपों में जनरेटर के सहारे काम किया जा रहा है। बीहड़ वनांचल क्षेत्र है हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के कारण जानमाल का खतरा बना हुआ है, बिजली विभाग के उदासीन रवैया से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

हाथी प्रभावित क्षेत्र , लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। लोगों के घरों में लगे मोटर, बोर सहित बिजली से चलने वाले अन्य उपकरण बंद पड़े हैं। इससे काफी परेशानी हो रही है। बारिश के मौसम में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। विद्यार्थी बिजली के अभाव में अपना गृहकार्य नहीं कर पा रहे हैं। रात में बिजली गुल होने से बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मोरगा सहित आठ पंचायत में सूरजपुर जिला से बिजली की आपूर्ति की जाती है जिसके कारण आए दिन क्षेत्र में बिजली गुल होने की समस्या बनती है। मोरगा हाथी प्रभावित क्षेत्र होने से जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है।