कोरबा | ibn-24 news : ग्राम पंचायत रतीजा में 2006 से चला आ रहा भू-अभिलेख गायब का मामला अब तूल पकड़ चुका है। भू-विस्थापित कोयला कर्मचारी एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष उषा विश्वकर्मा ने मोर्चा खोलते हुए पूरे प्रकरण की CBI जांच कराने की मांग की है।

गायब हो गए किसानों के कागज।
उषा विश्वकर्मा ने बताया कि रतीजा-रमताराई गांव में स्पेक्ट्रम कोल एंड पावर लिमिटेड प्लांट स्थापित होने के बाद से यहां के गरीब किसानों का भू-नक्शा, खसरा, मिसल, बंदोबस्त और रकबा का कोई रिकॉर्ड पंचायत में उपलब्ध नहीं है।
“भू-अधिग्रहण के नाम पर किसानों की जमीन चली गई, लेकिन मुआवजा और रोजगार के नाम पर सिर्फ ठेंगा मिला। आज खाताधारक किसान अपना हक साबित करने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। इससे कई परिवार मानसिक तनाव में हैं” – उषा विश्वकर्मा ने कहा।
सड़क, पानी, शिक्षा सब फेल।
उन्होंने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा “रतीजा रोड से रोजाना सैकड़ों कंपनी वाहन गुजरते हैं। इसी रास्ते से गांव के बच्चे स्कूल जाते हैं। पूरी सड़क गड्ढे और कीचड़ से भरी है। प्लांट से निकलने वाली धूल से रमताराई के घर-घर में परत जम गई है। लीलागर नदी को भी कंपनी ने अपना बपौती बना लिया है।”
प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया “CSR के नाम पर करोड़ों का फंड आता है, वो कहां गया? क्या उसे भी खा गए?”
बिना NOC और वादाखिलाफी।
उषा विश्वकर्मा ने कहा कि नियम के अनुसार किसी भी उद्योग को 25 किलोमीटर के दायरे में रोजगार, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य देना अनिवार्य है।
“लेकिन यहां सब उल्टा है। बिना NOC के भी प्लांट चल रहा है। स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नौकरी नहीं मिली। चंद चापलूसों की मंडली बनाकर पूरे गांव को गुमराह किया जा रहा है। कंपनी का काम बनता, जनता जाए भाड़ में – यही नीति चल रही है” – उन्होंने आरोप लगाया।
CBI जांच और कार्रवाई की मांग।
एसोसिएशन ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि रतीजा पंचायत के गायब रिकॉर्ड, भू-अधिग्रहण में हुई गड़बड़ी और CSR फंड के दुरुपयोग की उच्च स्तरीय CBI जांच कराई जाए। साथ ही दोषी कंपनी अधिकारियों और दलालों पर कड़ी कार्रवाई हो।
उषा विश्वकर्मा ने चेतावनी दी “अगर जल्द जांच नहीं हुई तो एसोसिएशन बड़ा आंदोलन करेगी। अब रतीजा और रमताराई के किसान चुप नहीं बैठेंगे।”