
कटघोरा (आई.बी.एन -24)ढेलवाडीह/कटघोरा से सनसनीखेज मामला कटघोरा सब स्टेशन ढेलवाडीह से संचालित देवरी फीडर अंतर्गत ढेलवा डीह जंगल से जवाली-सिंघाली पुल तक अज्ञात चोरों ने बिजली विभाग को खुली चुनौती दे दी। करीब 7 से 8 किलोमीटर क्षेत्र में 25 से 30 बिजली पोलों से तार काटकर चोरी कर लिए गए, जिससे सिंघाली, जवाली, देवरी सहित आसपास के कई गांव अंधेरे में डूब गए। घटना के बाद हजारों ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है।
जानकारी के अनुसार चोरों ने सुनियोजित तरीके से बिजली प्रवाहित लाइनों को निशाना बनाया। इतनी बड़ी चोरी के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस इलाके में हाल ही में सुशासन दिवस जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं सरकारी बिजली लाइनों की सुरक्षा नहीं हो सकी। इस घटना ने पुलिस प्रशासन और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव सक्रिय हुए और उन्होंने तत्काल प्रशासन एवं बिजली विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की। राजेश यादव ने कहा कि भीषण गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली गुल होना आम जनता के साथ अन्याय है। बिजली बंद होने से पेयजल संकट गहरा गया है, मोबाइल चार्ज नहीं हो पा रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है।
राजेश यादव के हस्तक्षेप और ग्रामीणों के दबाव के बाद प्रशासन हरकत में आया। बिजली विभाग की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया, जहां युद्धस्तर पर तार लगाने और लाइन सुधारने का कार्य जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मांग की है कि—
तार चोरी करने वाले गिरोह को तत्काल गिरफ्तार किया जाए
जंगल क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए
रात में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी संपत्तियों की चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जाएंगी।
“अंधेरे में गांव, जवाब तलाशता प्रशासन”
सिंघाली और जवाली क्षेत्र के लोग अब प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर कब तक ग्रामीण क्षेत्र बिजली चोरों के निशाने पर रहेंगे। फिलहाल पूरे क्षेत्र में बिजली बहाली का कार्य जारी है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।