
पाली (आई बी एन -24)दुनिया में सबसे प्रभावशाली शपथ या कसम कोई है तो वह है मां की कसम। इस कसम को साथ लेकर हम अपने देश की प्राकृतिक समृद्धि को अक्षुण बनाने के लिए पौधे लगा रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में पड़ रहे गर्मी ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है,उस समय हमें सबसे अधिक किसी की याद आई तो वह वृक्ष का छांव ही था पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हमारे देश से ऑक्सीजन समाप्त कर रहा है। और कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ा रहा है।आए दिन बस ट्रक मोटरसाइकिल की धूंआ फैक्ट्री से निकलने वाला जहर कहीं ना कहीं हमारा स्वास्थ्य क्षीण कर रहा है।लेकिन इस ओर हम सब औपचारिकता पूरा कर इतिश्री कर लेते हैं।अभी भी समय है हम सब दुनिया की सबसे खूबसूरत मां के नाम अपने हाथों से कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसे पनपने तक पानी खाद जानवरों से बचाव आवश्यक सुरक्षा घेरा कर रक्षा करनी होगी। इससे हमारे बच्चे भी संस्कार व प्रकृति की रक्षा करने की ओर कदम बढ़ाएंगे,पेड़ केवल छाया ही नहीं देते वरन ऑक्सीजन फल, लकड़ी और जमीन के कटाव को भी रोकते हैं,पानी की सतह को एक निश्चित सीमा तक बनाकर धरती में नमी लाने का कार्य भी करते हैं जिससे असंख्य जीव गर्मियों में भी मिट्टी के बाहर और मिट्टी के अंदर जिंदा रह लेते हैं। आज श्रीमती मधुलता जायसवाल ने अपनी टीम के सहयोग से थाने परिसर मंदिर के बगल में,रोड किनारे,गांव में, स्कूल में छायादार,फलदार और औषधि पौधा बेल,करंज आम आदि मां के नाम लगा रहे हैं,इससे पहले तालाब खेत गलियों में भी पौधे लगाकर लोगों को संदेश दे रहे हैं। प्रकृति की सेवा कर धन्य महसूस कर रहे हैं।हम सबको भी अपनी धरती माता को ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लिए पौधा लगाने ही होंगे।