शराब के नशे में उत्पात मचाने और आसपास के इलाके का माहौल बिगाड़ने की शिकायतें; हिमांशु पिता सत्तू के विरुद्ध कटघोरा थाने में FIR दर्ज, अब पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें।

कटघोरा (आई.बी.एन -24)। कटघोरा क्षेत्र में कथित दबंगई, गाली-गलौज, धमकी और मारपीट की शिकायतों ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में हिमांशु पिता सतनारायण उर्फ सत्तू को लेकर सामने आ रही शिकायतों में महिला से अभद्रता, घर में घुसकर गाली-गलौज, सामान में तोड़फोड़, पत्रकार को धमकाने और पुलिसकर्मियों के सामने कथित तौर पर चुनौतीपूर्ण व्यवहार करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर शराब के नशे में उत्पात मचाने और आसपास के लोगों को परेशान करने की शिकायतें भी चर्चा में हैं।
महिला के घर में घुसकर मचाया उत्पात, कटघोरा थाने में अपराध दर्ज।
ग्राम बरतराई निवासी रुक्मणी बाई पति शिवबरन दास द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार 3 नवंबर 2026 की शाम लगभग 7 बजे वह अपने घर में अकेली खाना बना रही थीं। इसी दौरान हिमांशु पिता सतनारायण उनके घर के अंदर घुस आया और कथित तौर पर मां-बहन की गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। महिला ने घर में रखे सामान को तोड़ने और विरोध करने पर भी धमकाने का आरोप लगाया है।
इस मामले में थाना कटघोरा पुलिस द्वारा FIR क्रमांक 0471/2026 दिनांक 04 नवंबर 2026 को पंजीबद्ध की गई है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 333 एवं 324(1) दर्ज दिखाई गई हैं। मामले की विवेचना पुलिस द्वारा की जा रही है।
पत्रकार के घर तक पहुंचकर कथित हमला, धमकियों से पत्रकारिता पर सवाल।
इस पूरे घटनाक्रम में एक और गंभीर पहलू पत्रकार को कथित तौर पर धमकी देने और उसके घर तक पहुंचकर हमला करने से जुड़ा है। इस संबंध में वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। यदि खबरों के माध्यम से जनहित के मुद्दे उठाने वाले पत्रकार को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया है, तो यह केवल एक व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता के वातावरण को प्रभावित करने वाला मामला है। संबंधित शिकायतों और वीडियो की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
पुलिस को भी चुनौती देने की कथित हिमाकत, आखिर किसका है संरक्षण?
शिकायतों और सामने आए घटनाक्रम को लेकर यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि संबंधित युवक पुलिसकर्मियों के सामने भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है और ‘जिसे बुलाना है बुला लो, मैं किसी से नहीं डरता’ जैसी चुनौतीपूर्ण बातें कहता है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह कानून व्यवस्था के लिए गंभीर विषय होगा। सवाल यह है कि आखिर ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश कब लगेगा और आम नागरिक भयमुक्त वातावरण में कब रह पाएंगे?
एसडीओपी विजय सिंह राजपूत की पुलिसिंग पर क्षेत्रवासियों की निगाहें।
कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस की आगामी कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की निगाहें टिकी हैं। आम नागरिकों की शिकायतों पर निष्पक्ष सुनवाई, अपराधों पर नियंत्रण और कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि महिला की शिकायत के साथ पत्रकार को कथित धमकी, घर तक पहुंचकर हमले और पुलिसकर्मियों के सामने कथित अभद्रता से जुड़े मामलों की भी गंभीरता से जांच होगी।
अब बड़ा सवाल—क्या कटघोरा में कानून का डर कायम होगा?
आम नागरिकों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को शराब के नशे में घरों में घुसकर गाली-गलौज करने, महिलाओं को डराने, दुकानदारों को धमकाने अथवा पत्रकारों की आवाज दबाने का अधिकार नहीं है। पुलिस प्रशासन को ऐसी प्रत्येक शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसी बड़ी अप्रिय घटना की नौबत न आए।
अब देखना यह है कि कटघोरा पुलिस इन तमाम शिकायतों और उपलब्ध बताए जा रहे वीडियो साक्ष्यों की जांच कर आगे क्या कार्रवाई करती है।
कानून से ऊपर कोई नहीं!
महिलाओं की सुरक्षा, पत्रकारों की स्वतंत्रता और आम जनता का सम्मान सर्वोपरि है। कटघोरा में भय नहीं, कानून का राज कायम होना चाहिए।
