
कोरबा, एजेंसी। जिले को नशा मुक्त बनाने के अभियान को गति देने के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाया है। नशा मुक्ति अभियान के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर उन्होंने उप संचालक, समाज कल्याण एवं जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक में कलेक्टर ने नशे के विरुद्ध चल रहे अभियान की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल सहित सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण और जनजागरूकता के माध्यम से नशा मुक्त वातावरण तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और अभियान के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्कूल-कॉलेज तंबाकू मुक्त होंगे।
बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोटप्पा एक्ट का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। स्कूल-कॉलेजों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जिले के सभी हाई-हायर सेकेंडरी स्कूल एवं कॉलेजों में “माय भारत युवा कार्यक्रम” के तहत 100 सप्ताह तक लगातार नशा मुक्ति जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने को कहा। आश्रम-छात्रावासों में भी नियमित कार्यक्रम करने के निर्देश दिए।
गांव-गांव तक पहुंचेगा संदेश।
समाज कल्याण विभाग को विकासखंड स्तर पर नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाने और भारत वाहिनी की इकाइयों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता के जरिए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए।
नशा मुक्ति केंद्रों पर नजर
बैठक में जिले में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की समीक्षा भी हुई। कलेक्टर ने केंद्रों का निर्धारित क्षमता के अनुरूप बेहतर प्रबंधन और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कराने के निर्देश दिए।
अंत में कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को जनआंदोलन का रूप देने और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने कहा।