बांकीमोंगरा। संवाददाता अनुज पाठक।
एसईसीएल बांकी-सुराकछार अस्पताल में दवाओं की व्यवस्था और उनकी कीमतों को लेकर अब समीक्षा की मांग उठने लगी है। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के पार्षद एवं राजस्व व बाजार समिति के सभापति अश्वनी कुमार मिश्रा ने एसईसीएल बांकी-सुराकछार अस्पताल तथा एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र सौंपकर पूर्व एसईसीएल कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के हित में दवाओं की उपलब्धता एवं निर्धारित दवा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की मांग की है।
पार्षद अश्वनी कुमार मिश्रा ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि एसईसीएल अस्पताल में कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को उपचार के साथ आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। वर्तमान व्यवस्था के तहत निर्धारित दवाओं का खर्च कर्मचारी को व्यक्तिगत रूप से वहन नहीं करना पड़ता, बल्कि विभागीय व्यवस्था के माध्यम से दवाओं की उपलब्धता एवं प्रतिपूर्ति की जाती है।
कम कीमत वाली गुणवत्तापूर्ण दवाओं के विकल्प पर जोर
पत्र में कहा गया है कि यदि चिकित्सकीय रूप से समान प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण कम कीमत वाली दवाएं बाजार में उपलब्ध हैं, तो अधिक कीमत वाली दवाओं के स्थान पर उनके विकल्पों पर भी विचार किया जाना चाहिए। इस संबंध में दवा लिखे जाने और उपलब्ध कराने की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की आवश्यकता बताई गई है।
पार्षद का कहना है कि दवा व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा होने से जहां पारदर्शिता को बढ़ावा मिल सकता है, वहीं अनावश्यक आर्थिक भार को कम करने की दिशा में भी सकारात्मक कदम उठाया जा सकता है। विशेष रूप से पूर्व कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए बेहतर और किफायती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों से कार्रवाई की जानकारी देने का आग्रह
अश्वनी कुमार मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने इस संबंध में की गई कार्रवाई एवं लिए गए निर्णय से उन्हें लिखित रूप से अवगत कराने की मांग भी की है।
पत्र की प्रतिलिपि एसईसीएल बिलासपुर के सीएमएस, मुख्य महाप्रबंधक एसईसीएल कोरबा, क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक एसईसीएल कोरबा एवं एएफएम एसईसीएल कोरबा सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।
अब देखना होगा कि एसईसीएल प्रबंधन इस मांग पर क्या समीक्षा करता है और दवा व्यवस्था को लेकर क्या दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
