
कोरबा (आई.बी.एन -24 न्यूज एजेंसी।) भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ, छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह संयोजक एवं बिलासपुर संभाग प्रभारी श्री राजेश यादव ने कोरबा जिले के कटघोरा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, सलोरा में बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में छात्रों द्वारा मुख्य सड़क पर किए गए चक्काजाम को अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक बताया है।

श्री यादव ने कहा कि आदिवासी छात्र-छात्राएं लंबे समय से दूषित पेयजल, स्तरहीन भोजन, मूलभूत सुविधाओं के अभाव तथा शिकायत करने पर कथित रूप से टीसी देने की धमकी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। बार-बार शिकायतों और जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में मामला लाए जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण विद्यार्थियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा, जो प्रशासनिक संवेदनहीनता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि 29 जुलाई 2026 को संबंधित अधिकारियों द्वारा शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, किंतु उसके अनुरूप कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो पहले जनप्रतिनिधियों का घेराव और बाद में सैकड़ों विद्यार्थियों को मुख्य सड़क पर बैठकर चक्काजाम करने की नौबत नहीं आती।
श्री यादव ने राज्य सरकार से मांग की कि आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के सहायक आयुक्त को तत्काल पद से हटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि शिकायतों और दिए गए आश्वासनों के बावजूद समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या उदासीनता सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि यह भी गंभीर जांच का विषय है कि आखिर मासूम आदिवासी छात्र-छात्राओं को सड़क पर उतरकर चक्काजाम करने की नौबत क्यों आई। जिला प्रशासन इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच करे कि कहीं पर्दे के पीछे से किसी व्यक्ति या समूह द्वारा विद्यार्थियों को प्रभावित या प्रोत्साहित तो नहीं किया गया। यदि जांच में ऐसी कोई भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
श्री यादव ने कलेक्टर कोरबा से पूरे घटनाक्रम का तत्काल संज्ञान लेकर उच्चस्तरीय जांच कराने तथा विद्यालय में स्वच्छ पेयजल, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित कराने की मांग की।
उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम से प्रदेश के माननीय शिक्षा मंत्री तथा माननीय आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री को भी अवगत करा दिया गया है और दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई का आग्रह किया गया है।
अंत में श्री यादव ने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।