
नई दिल्ली (आई.बी.एन -24 न्यूज एजेंसी।) NEET परीक्षा को लेकर मचे विवाद और जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री *धर्मेंद्र प्रधान* ने शुक्रवार 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री *नरेंद्र मोदी* को सौंपा, जिसे राष्ट्रपति ने तत्काल मंजूर कर लिया।
सूत्रों के अनुसार इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया है।
इस्तीफे की मुख्य बातें
1. कारण: अपने इस्तीफे में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि “देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य को कानूनी पेचीदगियों तथा भ्रम से बचाने और राष्ट्र विरोधी ताकतों को स्थिति का फायदा उठाने से रोकने के लिए” यह कदम उठाया गया है।
2. उत्तराधिकार: शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार अब प्रह्लाद जोशी संभालेंगे। मंत्रालय से जुड़े सभी जरूरी फैसले अब उनके निर्देशन में होंगे।
3. प्रदर्शन समाप्त: मंत्री के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों और विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन भी समाप्त हो गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने इसे “छात्र शक्ति की जीत” बताया।
पिछले कुछ हफ्तों से NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर के छात्र सड़कों पर थे। जंतर-मंतर पर भी बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन चल रहा था। विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार ने छात्र आंदोलन को शांत करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता का संदेश देने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है।
प्रह्लाद जोशी के पास पहले से ही संसदीय कार्य मंत्रालय का प्रभार है। अब उनके पास शिक्षा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी होगी।