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चाकाबुड़ा के विद्यालय में लबालब जल भराव से शिक्षा व्यवस्था चरमराई, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, स्थायी समाधान की मांग तेज।

चाकाबुड़ा/कटघोरा(आई.बी.एन -24) लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत ग्राम चाकाबुड़ा स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला की शिक्षा व्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। विद्यालय परिसर पूरी तरह वर्षा जल से लबालब भर गया है और पूरा प्रांगण किसी तालाब जैसा दिखाई दे रहा है। जलभराव के कारण विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालयीन कर्मचारियों को प्रतिदिन विद्यालय आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विद्यालय के कई कक्षों में भी वर्षा का पानी प्रवेश कर गया है, जिससे विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था प्रभावित हो गई है तथा अध्ययन-अध्यापन कार्य बाधित हो रहा है। छोटे-छोटे बच्चों को पानी से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।

इस गंभीर समस्या को लेकर भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ, छत्तीसगढ़ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने 06 जुलाई 2026 को क्रमांक 12/BJP/JJP/2026 के तहत जिला कलेक्टर, कोरबा को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर विद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रत्येक वर्ष वर्षाकाल में विद्यालय परिसर जलमग्न हो जाता है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। उचित जल निकासी व्यवस्था के अभाव में वर्षा का पानी विद्यालय परिसर एवं कक्षाओं में भर जाता है, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होती है तथा सुरक्षित वातावरण में अध्ययन करना कठिन हो जाता है।

राजेश यादव ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि विद्यालय परिसर से वर्षा जल की तत्काल निकासी कराई जाए, आवश्यकता अनुसार परिसर का ऊँचाईकरण कराया जाए तथा भविष्य में इस समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए सुनियोजित जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने प्रशासन से इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को शीघ्र आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।

ज्ञापन के साथ विद्यालय परिसर में जलभराव की छायाचित्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। वहीं इसकी प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), कटघोरा तथा खंड शिक्षा अधिकारी, कटघोरा को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई है।

ग्रामीणों, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालय में जलभराव की समस्या का त्वरित एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि बरसात के दौरान भी विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके।

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