
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (आई.बी. एन. -24)सूचना के अधिकार के तहत फर्जी शिक्षक भर्ती की जानकारी मांगने पर जिला शिक्षा अधिकारी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा सूचना दबाने का गंभीर मामला सामने आया है। पत्रकार प्रवीण कुमार झा ने 13/10/2025 को RTI लगाकर टीईटी में अनुत्तीर्ण व्यक्ति के फर्जी तरीके से शासकीय नौकरी करने संबंधी जानकारी मांगी थी। आरोप है कि एक शिक्षक वर्ष 2011 की टीईटी परीक्षा में फेल होने के बावजूद वर्षों से नौकरी कर शासन की राशि का अवैध लाभ ले रहा है।

नियमानुसार 30 दिन में जानकारी देना अनिवार्य था, पर DEO कार्यालय ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद 22/11/2025 को प्रथम अपील दायर की गई। DEO रजनीश तिवारी जो स्वयं प्रथम अपीलीय अधिकारी हैं, उनके कार्यालय ने अपील पर भी कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई। यह RTI अधिनियम 2005 की धारा 6(1), 6(3) और 7(8) का खुला उल्लंघन है।
आरोप है कि शिक्षक भर्ती जैसे गंभीर मामले में DEO रजनीश तिवारी जानबूझकर जानकारी छिपाकर भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। प्रथम अपील में मांग की गई है कि पूरी व सही सूचना निःशुल्क दी जाए और जानकारी दबाने वाले जनसूचना अधिकारी पर दंडात्मक कार्रवाई हो।
RTI कानून के तहत अब मामला राज्य सूचना आयोग जाएगा। जानकारी न देने पर संबंधित अधिकारी पर 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम 25 हजार तक जुर्माना और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।