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कटघोरा : स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा की बड़ी लापरवाही – खुले में फेंका बायोमेडिकल कचरा, मवेशी खा रहे दवाइयां-इंजेक्शन।

बायो-मेडिकल वेस्ट नियमों की उड़ाई धज्जियां, संक्रमण का खतरा, जिम्मेदार मौन।

कटघोरा (आई.बी.एन -24) जिला कोरबा के कटघोरा स्थित स्वास्थ्य केंद्र की घोर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल परिसर से लगे खुले स्थान पर दवाई, गोली, इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन, निडिल और खतरनाक बायोमेडिकल अपशिष्ट को खुले में फेंक दिया गया है।

तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि कचरे के ढेर के पास गाय और कुत्ते घूम रहे हैं। ये मवेशी चारे की तलाश में जहरीले मेडिकल वेस्ट को मुंह लगा रहे हैं। इस्तेमाल की गई निडिल और कांच की शीशियां बिखरी पड़ी हैं, जिससे जानवरों के साथ-साथ इंसानों के घायल होने और गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है।

नियमों की खुलेआम धज्जियां :-

बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के तहत अस्पतालों को संक्रमित कचरे को लाल, पीले, नीले डिब्बों में अलग कर इंसिनरेटर में नष्ट करना अनिवार्य है। खुले में फेंकना दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद कटघोरा स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन ने सारे नियमों को ताक पर रख दिया है। आसपास बदबू और गंदगी से रहवासियों का जीना मुहाल है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश:-
नाम न छापने की शर्त पर स्थानीय निवासी ने बताया, “रोज यहां गाय-कुत्ते कचरा खाते हैं। बच्चे भी खेलते हुए आ जाते हैं। अगर कोई बच्चा निडिल चुभा ले या जानवर बीमार होकर दूध दे तो जिम्मेदार कौन होगा? कई बार शिकायत की, पर अस्पताल प्रबंधन सुध नहीं ले रहा।”

अफसर बेखबर या जानबूझकर मौन?

इस गंभीर मामले पर BMO कटघोरा और CMHO कोरबा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन जवाब नहीं मिला। सवाल उठता है कि जब स्वास्थ्य केंद्र ही बीमारी बांटेगा तो आम जनता का इलाज कौन करेगा?

क्या कहते हैं नियम :-
1. संक्रमित कचरे का निस्तारण CBMWTF प्लांट में ही होना चाहिए।
2. खुले में फेंकने पर 5 साल तक की जेल और 1 लाख जुर्माने का प्रावधान है।
3. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

IBN-24 न्यूज की मांग :-
स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी तुरंत संज्ञान लें। दोषी कर्मचारियों पर FIR दर्ज हो, और 48 घंटे में कचरा नष्ट कर पूरे परिसर को सैनिटाइज किया जाए।

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