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चैतमा उपतहसील अंतर्गत ग्राम ईरफ में शासकीय पट्टे की जमीन पर दबंगों का कब्जा: 30 साल से काबिज परिवार को जान से मारने की धमकी,  पीड़िता ने थाने में दी लिखित शिकायत।

चैतमा /पाली(आई.बी.एन -24) थाना पाली क्षेत्र के ग्राम ईरफ में शासकीय पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जे का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित महेत्तर दास ने थाना प्रभारी कोरबा को आवेदन देकर कार्तिक सारथी, प्रकाश दास बनाऊ और राजकुमार के खिलाफ जमीन हड़पने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

क्या है पूरा मामला?
महेत्तर दास पिता विसम्हर दास, निवासी ईरफ ने शिकायत में बताया कि उनके पिता विसम्हर दास पिता सुखदास के नाम से ग्राम ईरफ प.ह.नं. 24 में शासकीय पट्टे की जमीन 30 वर्षों से आवंटित है। वर्ष 2019-20 के बी-1 खसरा-नक्शे में भी यह जमीन उनके पिता के नाम दर्ज है। आरोप है कि कार्तिक सारथी ने उक्त जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया है और अब उसे बेचने का प्रयास कर रहा है।

धमकी देकर रास्ता रोकने का आरोप
पीड़ित के अनुसार जब उसने और उसके पिता ने कई बार कब्जा हटाने को कहा तो आरोपियों ने गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और जमीन पर जाने से रोका। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2024 में पीड़ित और उसके पिता की अनुपस्थिति में प्रकाश दास पिता अनूप दास को अवैध रूप से जमीन बेच दी गई। प्रकाश दास का कहना है कि उसने जमीन कार्तिक सारथी से खरीदी है।

भाइयों ने भी हड़प ली जमीन
आरोप है कि कार्तिक सारथी के भाई बनाऊ ने लखन दास को और राजकुमार ने बृंदिया को उक्त जमीन का हिस्सा बेच दिया। विशनु सारथी ने शेष जमीन पर कब्जा कर उपयोग-उपभोग शुरू कर दिया है। पीड़ित का दावा है कि उसके पिता ने कभी जमीन नहीं बेची और न ही रहन रखी, इसके बावजूद खसरे में हेरफेर कर दी गई।

पुलिस से कार्रवाई की मांग 
महेत्तर दास ने थाने में आवेदन देकर कार्तिक सारथी, प्रकाश दास बनाऊ, राजकुमार सहित अन्य के खिलाफ अवैध कब्जा, फर्जी विक्रय, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और रास्ता रोकने के मामले में वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों में रोष
ग्राम ईरफ के ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय पट्टे की जमीन पर इस तरह खुलेआम कब्जा और फर्जी बिक्री प्रशासन की लापरवाही दर्शाता है। पटवारी रिकॉर्ड में हेरफेर की भी जांच होनी चाहिए। पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप कर कब्जा हटवाने और दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की है।

इनका कहना है:
थाना प्रभारी पाली ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग से भी खसरा-बटांकन की रिपोर्ट मंगाई जा रही है।

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