डायल 112 ने बिना कार्रवाई छोड़ा, नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने निकाला जुलूस, पाली में स्वास्थ्य सेवाएं ठप।

पाली (आई.बी.एन -24)सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली में मंगलवार को कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। डॉक्टर, नर्स और पूरे स्टाफ ने काम का बहिष्कार कर दिया। नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल से जुलूस निकालकर थाने का घेराव किया और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
क्या है पूरा मामला:
सोमवार रात ड्यूटी पर तैनात एक महिला स्वास्थ्य कर्मी के साथ कुछ शराबियों ने अस्पताल परिसर में ही जमकर दुर्व्यवहार और गाली-गलौज की। डर के मारे महिला स्टाफ ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची भी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने शराबियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और समझाइश देकर छोड़ दिया।
फूटा गुस्सा:
पुलिस की इस लापरवाही से CHC का पूरा स्टाफ भड़क गया। मंगलवार सुबह सभी डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी काम बंद कर अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके बाद जुलूस की शक्ल में थाने पहुंचे और घेराव कर दिया।
स्टाफ की चेतावनी:
आंदोलन कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों ने साफ कहा, “जब तक महिला स्टाफ से दुर्व्यवहार करने वाले शराबियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा नहीं दी जाती, तब तक हम काम पर नहीं लौटेंगे। अस्पताल में हम सुरक्षित नहीं हैं तो मरीजों का इलाज कैसे करेंगे?”
मरीज परेशान, स्वास्थ्य सुविधा बदहाल:
स्टाफ की हड़ताल के कारण CHC पाली में OPD, इमरजेंसी और टीकाकरण समेत सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं। दूर-दराज से इलाज कराने आए मरीज और उनके परिजन परेशान होकर लौट रहे हैं।
प्रशासन पर सवाल:
1. सुरक्षा में चूक: रात में महिला स्टाफ की सुरक्षा के लिए अस्पताल में कोई गार्ड तक तैनात नहीं था।
2. पुलिस पर आरोप: डायल 112 की टीम पर कार्रवाई न करने और आरोपियों को बचाने का आरोप लग रहा है।
3. BMO की चुप्पी: घटना के बाद BMO पाली का कोई बयान सामने नहीं आया है।
थाना प्रभारी का जवाब:
थाना घेराव के बाद पाली थाना प्रभारी ने कहा, “मामला संज्ञान में है। महिला स्टाफ की शिकायत पर FIR दर्ज की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी होगी।”
फिलहाल: –
स्वास्थ्य कर्मियों ने अल्टीमेटम दिया है कि गिरफ्तारी होते ही वे काम पर लौटेंगे। तब तक पाली CHC में ताला लटका रहेगा।