
पाली/कटघोरा (आई.बी.एन -24): कटघोरा वन मंडल के पाली वन परिक्षेत्र अंतर्गत माखनपुर के जंगल में भीषण आग लगी हुई है, लेकिन जंगल के रखवाले कहे जाने वाले बीट गार्ड तपती दोपहरी में अपने घरों में ठंडी हवा का आनंद ले रहे हैं। सरकारी तनख्वाह तो पूरी ले रहे हैं, मगर जिस काम की जिम्मेदारी मिली है उससे कोई सरोकार नहीं।

जल रहा जंगल, सो रहा अमला:- पिछले 24 घंटे से माखनपुर के जंगल में आग धधक रही है। आग की लपटों ने कई छोटे-छोटे पेड़ों को अपनी चपेट में ले लिया है। वन्यजीवों की जान पर भी बन आई है। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक कई जानवर आग में झुलसकर मर गए हैं। धुआं दूर-दूर तक फैला है, लेकिन वन विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नजर नहीं आ रहा।

बीट गार्ड की बेशर्मी:-
ग्रामीणों का आरोप है कि माखनपुर बीट के जिम्मेदार बीट गार्ड और वनकर्मी फील्ड में गश्त करने की बजाय घर में आराम कर रहे हैं। “जंगल जल रहा है और ये लोग कूलर-पंखे में सो रहे हैं। हर महीने सरकार से मोटी तनख्वाह उठाते हैं, लेकिन ड्यूटी के नाम पर जीरो हैं,” एक ग्रामीण ने नाम नहीं छापने के शर्त में बताया ।
प्रशासनिक लापरवाही उजागर-:
1. गश्त बंद: गर्मी में आग की घटनाएं बढ़ती हैं, इसके बावजूद बीट गार्ड की पेट्रोलिंग पूरी तरह ठप है।
2. फायर वॉचर नदारद:– फायर सीजन में फायर वॉचर रखने का प्रावधान है, लेकिन पाली रेंज में सिर्फ कागजों में ही अमला दिख रहा है।
3. DFO मौन:- कटघोरा वन मंडल के अफसरों को सूचना देने के बाद भी अब तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची।
जिम्मेदार कौन:-
वन परिक्षेत्र अधिकारी पाली की इस मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। नीचे के कर्मचारियों पर नियंत्रण न होना और फील्ड विजिट न करना आग की मुख्य वजह बन रहा है। वन विभाग के नियमानुसार आग लगने पर तुरंत अमले को मौके पर पहुंचकर फायर लाइन काटनी होती है, लेकिन यहां सब भगवान भरोसे है।
वर्जन:- इस संबंध में पाली रेंजर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। DFO कटघोरा ने कहा, “मामला संज्ञान में आया है। जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई होगी।”