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क्रमिक अनशन में बैठे उत्तम सिंह रंधावा ने SDM को सौपा ज्ञापन, भूख हड़ताल को किया खत्म।

कोरबा/कटघोरा (आई.बी.एन -24) उत्तम सिंह रंधावा ने भूख हड़ताल को अब आमरण अनशन का रूप देकर प्रशासन व विधायक का सिरदर्द बढ़ा दिया है। उत्तम रंधावा का यह फैसला भूख हड़ताल के पांचवे दिन लिया गया जहां प्रशासन को ज्ञापन सौप 22 अगस्त से आमरण अनशन जारी रहेगा। इस आमरण अनशन के पीछे की वजह कथित तौर पर कटघोरा विधायक की वादाखिलाफी है जो अपने वादे पर कायम नही रह पाए जिसका नतीजा आज ये है कि कटघोरा के युवा उत्तम रंधावा को कटघोरा का हक दिलाने के लिए आमरण अनशन करना पड़ रहा है।

भाजयुमो प्रदेश कार्यसमिति सदस्य युवा नेता उत्तम सिंह रंधावा के भूख हड़ताल को पांच दिन बीत जाने पर भी प्रशासन व विधायक के कानों पर जु तक नही रेंगी तो उत्तम रंधावा में भूख हड़ताल को आमरण अनशन में परिवर्तित करने का फैसला कर दिया। प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में उत्तम सिंह रंधावा ने जिक्र किया है कि वर्तमान विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने कटघोरा की जनता से वादा किया था कि चुनाव जीतने के बाद कटघोरा को जिला बनाएंगे, लेकिन विधायक का वादा झूठा रहा इन्होंने यह भी जिक्र किया है कि क्रमिक भूख हड़ताल को 5 दिन बीत जाने के बाद भी विधायक महोदय व प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नही आई है लिहाजा उत्तम सिंह रंधावा में आमरण अनशन करने की ठान ली। अब उत्तम सिंह रंधावा के आमरण अनशन का विधायक महोदय व प्रशासन पर कितना असर होगा ये तो आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। बहरहाल इस आमरण अनशन से प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें जरूर खिंच आएगी। श्री रंधावा ने ये भी साफ कर दिया है कि इस आमरण अनशन से उनके स्वास्थ् बिगड़ता है तो उसका जिम्मेदार विधायक महोदय सहित प्रशासन होगा।

कटघोरा को जिला बनाने की लड़ाई अब इस हद तक पहुँच चुकी है कटघोरा के युवा भूख हड़ताल तक करने को मजबूत हो गए है आखिर कटघोरा को जिला बनाने की मांग कटघोरा वासियों से और क्या क्या करवाएगी यह तो कह पाना मुश्किल है लेकिन इतना जरूर साफ है कि कटघोरा के विधायक ने कटघोरा की जनता से झूठा वादा कर उनके साथ खिलवाड़ करने में कोई कसर नही छोड़ी है। 2024 के चुनाव कांग्रेस अगर वर्तमान विधायक को मैदान में उतारती है तो यह कांग्रेस के लिए बडी विडंबना साबित हो सकती है।

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