WhatsApp Image 2024-03-22 at 3.00.41 PM
WhatsApp Image 2024-03-22 at 3.00.41 PM
previous arrow
next arrow
छत्तीसगढ़

मस्तुरी में रहा है बाहरी प्रत्याशियों का इतिहास, स्थानीय होने का दंभ भरने वाले कई दावेदार भी है बाहरी।

०० मस्तुरी विधानसभा में कांग्रेस पार्टी से बाहरी व स्थानीय दावेदारों के बीच मचा है घमासान।

०० कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ने तथा विवादित चेहरे भी कर रहे टिकिट की दावेदारी।

०० कांग्रेस के दावेदार भाजपा विधायक के बलबूते जिला पंचायत में है पदासीन।

०० मस्तुरी से लगे जांजगीर जिले में सालो राजनिति कर मस्तुरी का स्थानीय निवासी होने का भर रहे दंभ

मस्तुरी (आईं बी एन -24) विधानसभा मस्तुरी सीट पर पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता और पूर्व में दूसरे दलों से आए नेता आस लगाए बैठे हैं। ज्यादातर नेता व पदाधिकारियां अपने टिकट को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। सभी माहौल भांपने की कोशिश में लगे हैं।अभी खुलकर सामने नहीं आ रहे हैँ।ऐसे में लगता है कि टिकट क्लीयर होने के बाद वह दूसरी जगह अपना भविष्य जरूर झांकने का प्रयास करेंगे। प्रत्याशी के नाम की घोषणा हुआ भी नही और अभी से संकल्प शिविर की धज्जियां उठती साफ नजरों से दिखाई दे रही है संकल्प शिविर जयरामनगर में माननीय छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज के सामने सभी दावेदारो ने संकल्प लिया था कि कांग्रेस पार्टी जिस किसी भी को विधानसभा में टिकट देगा हम सब मिलकर साथ देंगे और विधानसभा मस्तुरी में कांग्रेस का विधायक बनाऐंगे। अब सभी दावेदार मिलकर वे कांग्रेस पार्टी में ही गुटबाजी कर अपनी ताकत लगा रहे हैं।एक दूसरे का पत्ता साफ करने और अपनी गोंटी फिट करने में लगे हैं।
हाल में ही विधानसभा मस्तुरी के दावेदारो ने नगर पंचायत मल्हार में जमवाड़ा लगाया हुआ था ,हर किसी के अपने अपने दावे थे ।उनके इस जमवाड़ा के मुड को देखते हुए से लगता कि कही वे कांग्रेस पार्टी के विरोध में जमवाड़ा कर गुटबाजी कर विरोध के मुड में तो नही हैं उनके मुड को देखते हुए भविष्य में इनकी संभावना को नाकारा नही जा सकता। विधानसभा मस्तुरी में पूर्व ,नवीन के साथ कुछ कांग्रेस के पुराने सिपहसालार नेता मस्तुरी सीट की दावेदारी कर रहे हैं पार्टी किसे टिकट देगी किसका पत्ता साफ होगा देखना दिलचस्प होगा। कांग्रेस ने यह साफ कर दिया है कि विधानसभा चुनावों में केवल जिताऊ उम्मीदवार को टिकट दिए जाएंगे ।टिकट बांटने में जिताऊ और टिकाऊ उम्मीदवार ही सबसे बडा मापदंड होगा।
मस्तुरी क्षेत्र के मतदाताओं का भी यही कहना है कि हमें पुराने चेहरे नहीं चाहिए और न ही झुठे आश्वासन देने वाले चेहरे चाहिए, चाहे जैसा भी है कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर के जनता की पीडा को समझ सके उनके आवश्यक कामो को कराने में सहयोग कर सके तो ऐसे नेता को टिकट दे तो कोई दिक्क़त नही। विधानसभा मस्तुरी के उम्मीदवारी जता रहे स्थानीय नेताओं को बाहरी उम्मीदवार का डर सता रहा है। इसके पीछे कारण यह है कि कई बाहरी नेता मस्तुरी विधानसभा सीट का टिकट पाने कि कोशिश कर रहे हैं,विधानसभा मस्तुरी का इतिहास भी ऐसा ही रहा है कि यहां से जो भी विधायक रहे हैं वह बाहरी हि रहे है। ये बाहरी नेता विधानसभा मस्तुरी कि राजनीति में दिग्गज साबित हुए हैं।
मस्तुरी विधानसभा में रहा है बाहरी नेताओ का इतिहास
विधानसभा मस्तुरी के इतिहास में कई बाहरी नेता विधानसभा का चुनाव लडे व जीतकर भी आए इनमे दिग्गज साबित हुए गणेश राम अनंत केउर भाठा कोरबा, गोंदिल प्रसाद अनुरागी रतनपुर से, बंशी लाल घृतलहरे मुलमुला जांजगीर, मदन सिंह डहरिया अमरताल जांजगीर जिला के निवासी रहे जिन्हें पार्टी ने टिकिट दिया व मस्तुरी की जनता ने इन्हें जीताकर विधानसभा भी पहुचाया मगर आगामी विधानसभा में कांग्रेस पार्टी से मस्तुरी में 57 दावेदारों ने टिकिट की मांग किया है इनमे से कई स्थानीय नेता है और कई दीगर जिलो के भी नेता है मगर हाल ही में मस्तुरी कांग्रेस में बाहरी बनाम स्थानीय को टिकिट देने पर घमासान मचा हुआ है जिसमे कई दीगर जिलो के नेता भी अपने आपको स्थानीय होने का दंभ भरकर बाहरी दावेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है|
इन नेताओ में मस्तुरी से कांग्रेस पार्टी से दावेदारी कर रहे डॉ प्रेमचंद जायसी जांजगीर जिले में 12 से 14 साल तक राजनीति में सक्रीय रहे वर्ष 2014 में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें लोकसभा का प्रत्याशी भी बनाया मगर इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से जिला पंचायत के पंचायत क्रमांक 5 में चुनाव जीता था| इसी तरह उन्होंने 2018 में पामगढ़ से कांग्रेस पार्टी से टिकिट की मांग की, प्रत्याशी नहीं बनाए जाने पर उग्र जातिगत विवाद भी हुए जिसके बाद उन्होंने मस्तुरी का रुख किया और यहाँ से पुन: कांग्रेस पार्टी से टिकिट की दावेदारी कर रहे है|
मस्तुरी विधानसभा से कांग्रेस पार्टी से टिकिट की दावेदारी करने वाले राजेश्वर भार्गव भी वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी में रहने के बावजूद कांग्रेस द्वारा घोषित प्रत्याशी के खिलाफ जाकर निर्दलीय चुनाव मटका छाप से लड़ा था, पिछले विधानसभा चुनाव में जोगी कांग्रेस से कांग्रेस के खिलाफ जाकर चुनाव में प्रचार-प्रसार किया| भाजपा विधायक के सहयोग से जिला पंचायत के पद पर अपना कब्ज़ा जमाये हुए है वही ग्राम पंचायत टिकारी में लगभग 25 एकड़ शासकीय भूमि पर भी इनका बेजोड़ कब्ज़ा होना राजनितिक सूत्र बता रहे है|
इसी तरह मस्तुरी से टिकिट की दावेदारी कर रहे राहुल सोनवानी ने जिला पंचायत चुनाव के दौरान कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के खिलाफ जाकर निर्दलीय चुनाव लड़ा व कांग्रेस के प्रत्याशी को हराकर जिला पंचायत में पहुचे वही इनके परिवार में पिता भाजपा पार्टी के नेता है वही भाई आम आदमी पार्टी से टिकिट की मांग कर रहे है जो कांग्रेस पार्टी के कितना हितकर साबित होगा यह क्षेत्र की जनता भी भलीभांति समझती है|

Indian Business News

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!