छत्तीसगढ़राजनीति

गोंगपा का खुला खाता, 78 लाख से अधिक आदिवासी छत्तीसगढ़ में, पाली-तानाखार से जीते तुलेश्वर सिंह मरकाम।

कोरबा (आई.बी.एन -24) छत्तीसगढ़ की पाली- तानाखार विधानसभा में बड़ा उलटफेर करते हुए गोंगपा से तुलेश्वर सिंह मरकाम ने चुनाव जीत लिया है। उन्होंने भाजपा ने पाली- तानाखार से रामदयाल उइके और कांग्रेस की दुलेश्वरी सिदार को हारकर ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस जीत के साथ ही राज्य गठन के बाद पहली बार गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को विधायक मिला है। तुलेश्वर सिंह गोंगपा के संस्थापक हीरा सिंह मरकाम के बेटे हैं।

भाजपा प्रत्याशी रामदयाल उईके व कांग्रेस प्रत्याशी दुलेश्वरी सिदार के बीच कड़ा संघर्ष माना जा रहा था लेकिन गणना के अंतिम राउंड में गोंगपा ने इतिहास रच दिया और दोनों प्रतिद्वंद्वियों को हरा कर जीत हासिल कर ली.

पाली- तानाखार विधानसभा में वर्ष 1957 से लेकर 2018 तक कांग्रेस ने 8 बार इस सीट पर सफलता प्राप्त की है। 2 बार निर्दलीय, 2 बार बीजेपी और एक- एक बार गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और जनता पार्टी को जीत मिली थी।

रामदयाल उइके की बात करे तो इनकी हार का कारण ओवर कांफिडेंस व कार्यकर्ताओं की गुटबाजी नजर आई जो जनता के बीच अच्छा सयम नही बना पाए।

साल 1998 के विधानसभा चुनाव में ही गोंडवाना गणतंत्र पार्टी उम्मीदवार हीरा सिंह मरकाम को विजय मिली थी। दिवंगत नेता हीरा सिंह मरकाम गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के सुप्रीमो थे। इस सीट पर 1993, 2003, 2008, 2013, 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने विजय पताका का लहराई थी।गौरतलब है कि 2021 की जनगणना के अनुसार राज्य में 30 प्रतिशत से अधिक आदिवासी जनसंख्या है. यानी 78 लाख से अधिक आदिवासी छत्तीसगढ़ में रहते है. बावजूद इसके कि प्रदेश की राजनीति में आदिवासियों का हाथ कमजोर रहा है, वहीं जातिगत समीकरण के चलते कांग्रेस और भाजपा में कई आदिवासी नेता है.

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